१). किताबों के पन्ने पलट कर सोचता हूँ,
यूँ ही पलट जाए जिंदगी तो क्या बात है !
ख्वाबों में तो रोज मिलता है वो,
वो हकीक़त में मिल जाये तो क्या बात है !
२). कुछ मतलब के लिए आते हैं,
बिन मतलब जो आये तो क्या बात है !
क़त्ल करके तो सब ले जायेंगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है !
३). जो शरीफों की सराफत में बात न हो,
एक शराबी कह जाए तो क्या बात हो !
अपने रहने तक तो खुसी दूंगा सबको,
जो किसी को, मेरी मौत पर ख़ुशी मिल जाए तो क्या बात है !
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